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चोट की रिपोर्ट के बिना भी POCSO पीड़ितों को मिलेगी सहायता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना, 2015 के तहत वित्तीय सहायता के लिए चोट की रिपोर्ट को अनिवार्य बनाने वाले नियम को असंवैधानिक घोषित किया है।
- पीठ ने माना कि यह शर्त संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करती है क्योंकि इससे पुनर्वास सहायता से वंचित किया जा सकता है।
- अदालत ने अधिकारियों को 10 दिन के भीतर नाबालिग याचिकाकर्ता को 3 लाख रुपये जारी करने का निर्देश दिया।
मार्च 2024 में भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी और पुलिस ने बाद में आरोप पत्र दाखिल किया।